1. हिंदी सज़महत्य के इमिहज़स को भिी प्रकज़र से सिझ सकेंगे। त्कज़िीन मिमभन्न पररसहमिमियों से अिगि हो जज़एिंगे। आददकज़ि सेकर रीमिकज़िक के मिषय उसके प्रिुख भेड़ों के मिषय सिझ जज़एिंगे। इसके सज़ि.सज़ि उस कज़ि के रचनज़कज़रों के मिषय भी जज़न पज़एिंगे।
2. आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिंदी कविता तथा उस काल के प्रमुख कवियों के विषय में समझ सकेंगे।
3. हिंदी साहित्य के आधुनिककाल के इतिहास को बता सकेंगे। पाठ्यक्रम में निर्धारित रचनाओं की समीक्षा कर सकेंगे। विद्यार्थियों के अंदर समीक्षात्मक दृष्टि का विकास हो सकेगा।
4. आधुनिकता तथा आधुनिक बोध से परिचित हो जाएंगे। आधुनिक काल के हिंदी कवियों के जीवन परिचय से अवगत हो सकेंगे। छायावादी कविताओं की विशेताओं से परिचित हो जाएंगे।
5. हिंदी की छायावादोत्तर कविता, साहित्यकार, साहित्यिक आंदोलनों, विचारधाराओं से परिचय प्राप्त कर लेंगे।
6. भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के विविध पक्षों से परिचित हो जाएंगे। भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के बीच तुलनात्मक अध्ययन को बढ़ावा दिया जाएगा। आलोचना व उसके विविध पक्षों से अवगत हो सकेंगे।
7. हिंदी में सिर्फ काव्य, कहानी, उपन्यास ही नहीं हैं बल्कि अन्य विधाएँ भी हैं। इसमें उन अन्य विधाओं व साहित्यकारों के विषय में जान जाएंगे। उनके उद्भव और विकास की परिस्थितियों से अवगत हो जाएंगे।
8. हिंदी भाषा के व्यावहारिक रूप को समझ सकेंगे। हिंदी के विविध व्यावहारिक रूपों, पारिभाषिक शब्दावली से अवगत हो जाएंगे। मीडिया की हिंदी व आम बोलचाल व लेखन की हिंदी के विषय में जान सकेंगे। हिंदी के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप से परिचित हो सकेंगे।
9. उपन्यास के विषय में गम्भीरतापूर्वक अध्ययन करते हुए उसके इतिहास को समझ सकेंगे। इसके अलावा चयनित उपन्यास के पाठ का अध्ययन कर सकेंगे।
10. कहानी के विषय में गम्भीरतापूर्वक अध्ययन करते हुए उसके इतिहास को समझ सकेंगे। इसके अलावा चयनित कहानियों का अध्ययन कर सकेंगे।
11. नाटक के इतिहास को संक्षेप में समझ सकेंगे। इसके साथ-साथ आधुनिक रंगमंच के विषय में ज्ञान प्राप्त करेंगे। इसके अलावा कुछ चयनित नाटकों का अध्ययन भी करेंगे।
12. हिंदी निबंध सहित अन्य गद्य विधाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका दैनिक जीवन में उपयोग कर पाएंगे।
13. हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता के विषय में रोजगारोन्मुख जानकारी प्राप्त कर लेंगे।
14.यदि विद्यार्थी शोध के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो उन्हे शोध किस तरह से करना चाहिए। इस विषय में बखूबी जान जाएंगे।
15.हिंदी भाषा के व्यावहारिक रूप को समझ सकेंगे। हिंदी के विविध व्यावहारिक रूपों, पारिभाषिक शब्दावली से अवगत हो जाएंगे। मीडिया की हिंदी व आम बोलचाल व लेखन की हिंदी के विषय में जान सकेंगे। हिंदी के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप से परिचित हो सकेंगे।
16.आदिम विकास में लोकगीत जो आमजन के बीच फैले हैं उनका क्या योगदान है? वे हमारे जीवन को किस तरह से प्रभावित करते हैं? इस विषय में जान जाएंगे।